
गोपेश्वर/घाट। 16/17 जून की जलप्रलय में अपनी दुकानें खो चुके घाट ब्लाक मुख्यालय के व्यवसायी इन दिनों बेरोजगार हैं। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की घोषणा के बावजूद यहां व्यापारियों को मुआवजे का भुगतान नहीं हो पाया है।
घाट ब्लाक मुख्यालय पर ग्रामीण चाय, किराना और कपडे़ का व्यापार कर अपनी आजीविका चला रहे थे। रानीकोट तोक से हुए भूस्खलन से बाजार मलबे की चपेट में आ गया है। उस दौरान आनन-फानन में तहसील प्रशासन ने घाट बाजार खाली करवा दिया था। छह माह बाद भी आलम यह है कि अब तक न तो दुकानों के आगे से मलबा हटाया गया और ना ही पीड़ित व्यापारियों को मुआवजा दिया गया है।
कोट-
घाट तहसील में मुआवजा वितरण की कार्रवाई चल रही है। किसी भी पीड़ित की अनदेखी नहीं की जाएगी। अधिकांश दुकानों का मलबा हटा दिया गया है। वर्तमान में यहां क्या स्थिति है, इसे देखा जाएगा। – अवधेश कुमार सिंह, एसडीएम, चमोली
